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फर्जी: बस परमिट जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

SHIDDHANT
13 Oct 2025 9:50 PM IST
फर्जी: बस परमिट जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
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हिरासत
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। यूपी एसटीएफ ने भारत-नेपाल सीमा पर चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय बस परमिट जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो सक्रिय सदस्य राम प्रसाद और बाले थापा उर्फ बालकिशन को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से कुल 11 फर्जी भारत-नेपाल यात्रा परमिट, एक लैपटॉप, एक बस और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। एसटीएफ ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ के मुताबिक, राम प्रसाद को बागवानी भवन गेट के पास, थाना सागरपुर, नई दिल्ली से हिरासत में लिया गया, जबकि बाले थापा को लखनऊ के किसान पथ से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों ने फर्जी परमिट बनाकर अंतरराष्ट्रीय बस संचालन किया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि इनके नेटवर्क में कई अन्य लोग शामिल हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ ने विस्तृत जांच शुरू की है।

अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के जरिए यात्रियों और बस ऑपरेटरों को ठगी के साथ-साथ कानूनी जोखिम में भी डाला जा रहा था। फर्जी परमिट का इस्तेमाल करके बस संचालन से यात्रियों को धोखा दिया जा रहा था और भारत-नेपाल के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। एसटीएफ ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय यातायात सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह ने अवैध परमिट के जरिए एक बड़ा नेटवर्क संचालित किया था। अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिससे अन्य संभावित गिरोह सदस्यों की पहचान हो सकेगी।

गिरोह द्वारा बनाए गए फर्जी परमिट से बस ऑपरेटरों और यात्रियों को आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। एसटीएफ इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी अंतरराष्ट्रीय परमिट बनाना और उनका उपयोग करना गंभीर अपराध है, और ऐसे किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की गतिविधियों के बारे में जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएगा और भारत-नेपाल सीमा पर अंतरराष्ट्रीय यातायात को सुरक्षित और कानूनी तरीके से संचालित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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